पाकिस्तान: सऊदी अरब की फटकार के बाद फ्लाइट में पकड़े गए 16 भिखारी

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 01-10-2023
Pakistani beggars
Pakistani beggars

 

इस्लामाबाद. पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने दो दिन पहले मुल्तान हवाई अड्डे पर सऊदी अरब जाने वाले विमान से उमरा तीर्थयात्रियों के भेष में सवार 16 कथित भिखारियों को विमान से उतार दिया. मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. एफआईए के अनुसार, समूह में एक बच्चा, 11 महिलाएं और चार पुरुष सहित 16 लोग शामिल थे, जो शुरू में उमरा वीजा पर यात्रा कर रहे थे.

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, आव्रजन प्रक्रिया के दौरान एफआईए अधिकारियों ने उन यात्रियों से पूछताछ की जिन्होंने कबूल किया कि वे भीख मांगने के लिए सऊदी अरब जा रहे थे. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्हें भीख से होने वाली कमाई का आधा हिस्सा अपनी यात्रा व्यवस्था में शामिल एजेंटों को देना था. उमरा वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें पाकिस्तान लौटना था. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईए मुल्तान सर्कल ने यात्रियों को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए गिरफ्तार कर लिया.

यह गिरफ़्तारी प्रवासी पाकिस्तानियों और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रवासी पाकिस्तानियों पर सीनेट समिति को यह खुलासा करने के एक दिन बाद हुई कि भिखारियों को बड़ी संख्‍या में अवैध चैनलों के माध्यम से तस्‍करी कर विदेश भेजा जा रहा था. मंत्रालय के सचिव ने सीनेट पैनल को बताया कि विदेशों में पकड़े गए भिखारियों में से 90 फीसदी पाकिस्तान के हैं. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा था, "इराकी और सऊदी दोनों राजदूतों ने इन गिरफ्तारियों के कारण जेलों में भीड़भाड़ की सूचना दी है." 

मिडिल ईस्ट देशों में पाकिस्तानी भिखारी 

एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मिडिल ईस्ट देशों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी भिखारी घूम रहे हैं. पाकिस्तानी सांसदों के साथ साझा की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य-पूर्व देशों में गिरफ्तार किए गए 90 प्रतिशत पेशेवर भिखारी पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं.

रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि सऊदी अरब की प्रतिष्ठित ग्रैंड मस्जिद के आसपास पॉकेटमारी सरीखे अपराधों में भी ज्यादातर पाकिस्तानी ही शामिल हैं. बुधवार को सीनेटर मंजूर कक्कड़ की अध्यक्षता में प्रवासी पाकिस्तानियों की स्थायी समिति की बैठक में इस बात पर जोर दी गई कि पाकिस्तान से बड़ी संख्या में भिखारी दूसरे मुल्क का रुख कर रहे हैं.

पाकिस्तानी प्रवासी मंत्रालय के सचिव जुल्फिकार हैदर ने पाकिस्तानी प्रतिष्ठा को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के भिखारी काफी संख्या में देश छोड़ रहे हैं, विदेश जाने के लिए वे लोग समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करते हैं." जुल्फिकार हैदर ने बताया कि भिखारी विदेशों में तीर्थ वीजा लेकर जाते हैं और वहां जाकर तीर्थयात्रियों से भीख मांगते हैं. इस वजह से पाकिस्तानियों की छवि खराब हो रही है. हैदर ने कहा कि भिखारियों के देश छोड़ने की वजह से इराक और सऊदी अरब लगातार शिकायत करते हैं कि हम उनके देश में भिखारी भेज रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, "इराक और सऊदी अरब की जेल पाकिस्तानी भिखारियों से भरी पड़ी है."

पाकिस्तान की प्रतिष्ठा धूमिल 

पाकिस्तानी अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि बैठक के दौरान सीनेटर राणा महमूदुल हसन ने विदेशों में पाकिस्तानी कामगारों के कम प्रतिनिधित्व की ओर सदस्यों का ध्यान खींचा. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की तुलना भारत, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने ज्यादा कामगारों को जापान भेजा है, जबकि पाकिस्तान ने महज 200 कामगारों को जापान भेजा है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान को विदेशों में इंजीनियरों, नर्सों, आईटी विशेषज्ञों और पैरामेडिकल और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों से कुशल पेशेवरों को भेजना चाहिए, इससे देश की प्रतिष्ठा बढ़ेगी.  हैदर ने बताया, "अगर हम पेशेवरों को विदेश भेजते हैं, तो हमारा पारिश्रमिक बढ़ेगा और हमारी विश्वसनीयता (दूसरे देशों के साथ) में सुधार होगा."

पाकिस्तान में कितना कमाते हैं भिखारी?

पाकिस्तानी स्टार्टअप के मुताबिक, पाकिस्तान में भीख मांगना अब आम चलन में है, लोग बड़ी संख्या में भीख मांगते हैं. पाकिस्तानी स्टार्टअप ने भिखारियों के एजेंट के हवाले से बताया है कि देश के भिखारी हर महीने औसतन 50 हजार पाकिस्तानी रुपये कमाते हैं, जबकि जो चालाक होते हैं वे 2 लाख तक कमाते हैं. 

 

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