Lawrence gang's key member brought to Jaipur from Dubai, masterminded threat calls
जयपुर
राजस्थान पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने लॉरेंस गैंग के अहम सदस्य आदित्य जैन उर्फ टोनी को गिरफ्तार किया है. आरोपी को दुबई से प्रत्यर्पित कर शुक्रवार को जयपुर लाया गया.
विदेश से आने वाली धमकी भरी कॉल को मैनेज करने और गैंग के संचालन में आदित्य जैन की अहम भूमिका थी. गैंग के "कंट्रोल रूम" के तौर पर काम करते हुए वह जबरन वसूली और फायरिंग के मामलों में शामिल था.
कुचामन सिटी निवासी जैन एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखता है. एडिशनल डीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस लंबे समय से टोनी पर नजर रख रही थी. राजस्थान में लगातार मिल रही धमकी भरी कॉल की जांच में उसका नाम सामने आया.
पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) योगेश यादव और ASP नरोत्तम वर्मा ने उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस हासिल किया. ASP सिद्धांत शर्मा, सर्किल इंस्पेक्टर मनीष शर्मा, CI सुनील जांगिड़ और CI रविंद्र प्रताप सहित एक विशेष पुलिस टीम ने उसे UAE में ट्रेस किया.
इसके बाद CBI ने UAE अधिकारियों को इंटरपोल रेफरेंस भेजा, जिसके बाद UAE पुलिस ने जैन को हिरासत में ले लिया. सुबह करीब 8 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर पहुंचने पर आरोपी को करीब 90 मिनट तक हिरासत में रखा गया और फिर सुबह 9.30 बजे नागौर ले जाया गया. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसे उसके गृहनगर कुचामन ले जाया जाएगा या नहीं. सूत्रों का कहना है कि जैन से धमकी भरे कॉल, नागौर और अन्य जिलों में गिरोह की गतिविधियों और इसके सक्रिय सदस्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी. उसकी गिरफ्तारी से राजस्थान में लॉरेंस गिरोह की गतिविधियों पर नकेल कसने में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आदित्य जैन गिरोह के कंट्रोल रूम के तौर पर काम कर रहा था और गिरोह को कॉल की सुविधा दे रहा था. वह पिछले सालों में गिरोह द्वारा किए गए जबरन वसूली, फायरिंग और अन्य अपराधों के कई मामलों में वांछित था. अधिकारियों ने बताया कि रेड नोटिस और इंटरपोल रेफरेंस के आधार पर यूएई पुलिस अधिकारियों ने आदित्य जैन को हिरासत में लिया और राजस्थान पुलिस से एक टीम भेजने का अनुरोध किया. एएसपी एजीटीएफ सिद्धांत शर्मा की देखरेख में एक टीम दुबई भेजी गई. अधिकारियों ने बताया कि जैन से आगे की पूछताछ की जाएगी.