तेल अवीव. इजराइल में रहने वाले भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को हल करने के लिए रूस, ईरान और इजराइल में अपने दोस्तों के साथ आगे आएं. मंगलवार को एएनआई से बात करते हुए, इजराइल में रहने वाली भारतीय नागरिक रीना विनोद पुष्करणा ने कहा, ‘‘अगर कोई इस सारी स्थिति को समाप्त कर सकता है, तो वह मोदी जी हैं.’’
रीना ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री मोदी जी से अनुरोध करती हूं कि वे क्षेत्र में चल रहे संघर्ष को हल करने के लिए अपने दोस्तों रूस, ईरान और इजराइल के साथ आगे आएं.’’
रीना ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी क्षेत्र में शांति ला सकते हैं. उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का शांत और निर्णायक नेतृत्व बदलाव ला सकता है.
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने इजरायल का नैतिक रूप से समर्थन किया, जैसा कि दूसरे नागरिक विश्व ने किया. प्रधानमंत्री मोदी को इस बात की चिंता नहीं है कि दुनिया उनके बारे में क्या सोचेगी. वे आगे आए और उन्होंने यहां सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं. चाहे मुस्लिम नव वर्ष हो, वे उन्हें शुभकामनाएं देते हैं. चाहे यहूदी नव वर्ष हो, वे उन्हें शुभकामनाएं देते हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मुझे लगता है कि जब कोई कहता है कि भारत इजरायल का समर्थन कर रहा है, तो वे बाकी दुनिया की तरह, बाकी नागरिक दुनिया की तरह, नैतिक रूप से इजरायल का समर्थन कर रहे हैं. मुझे लगता है कि अगर मोदी जी आगे आते हैं, तो हमारे पास शांति होगी. हमारे पास शांति होगी.’’
बंधकों को वापस लाने के लिए सत्ता में बैठे लोगों की ओर से प्रयासों की कमी पर प्रकाश डालते हुए रीना ने कहा, ‘‘एक साल हो चुका है और कोई भी बंधकों के घर वापस आने और युद्ध के खत्म होने की उम्मीद नहीं कर रहा है.’’ रीना, जो इजरायल में होटल चलाती थीं, उन्हें युद्ध और संघर्षों के बीच होटल चलाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि यह वह जीवन नहीं है जो कोई भी चाहता है, और आतंकवाद और घृणा को रोकने के लिए समाधान खोजना आवश्यक है.
उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति बहुत खराब है, व्यवसाय बंद हो रहे हैं और लोग आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं. कोविड से लेकर चल रहे संघर्ष तक, मेरा खुद का होटल व्यवसाय प्रभावित हुआ है. इजराइल में भारतीय समुदाय संघर्ष कर रहा है. कई लोगों ने व्यवसाय खो दिया है, और सरकार से कोई मुआवजा या मदद नहीं मिला है. इजराइल में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र, पर्यटन, ठप हो गया है. पर्यटक ऐसे देश में नहीं जाना चाहते, जहाँ आजकल ‘बम आश्रय’ एक निरंतर वास्तविकता हैं.’’
मंगलवार को पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया जब इजराइल ने बताया कि हिज्बुल्लाह ने ग्रेटर हाइफा क्षेत्र में नागरिकों को निशाना बनाते हुए 100 से अधिक रॉकेट और मिसाइलें दागी हैं. इजराइल के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ब्रेकिंग: हिज्बुल्लाह ने ग्रेटर हाइफा क्षेत्र में इजराइली नागरिकों पर 100 से अधिक रॉकेट और मिसाइलें दागी हैं, जो इसकी आक्रामकता में गंभीर वृद्धि को दर्शाता है.’’
विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, इस बात पर जोर दिया कि वह उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए उपाय करेगा. पोस्ट में आगे कहा गया, ‘‘इजराइल अपने लोगों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा.’’
ये भी पढ़ें : अगर आप राम को समझ गए, तो खत्म हो जाएगा धार्मिक भेदभाव: कलाकार जावेद