मक्का. अत्यंत दुखद घटनाक्रम में, सऊदी अरब के मक्का में इस साल की हज यात्रा के दौरान 51.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुँची भीषण गर्मी के कारण विभिन्न देशों से आए 922 तीर्थयात्री मारे गए, जिनमें कम से कम 68 भारतीय थे. एक राजनयिक ने यह भी पुष्टि की कि कुछ भारतीय तीर्थयात्री लापता हैं, लेकिन उन्होंने सटीक संख्या बताने से इनकार कर दिया.
एक राजनयिक ने बुधवार, 19 जून को नाम न बताने की शर्त पर एजेंस फ्रांस-प्रेस (एएफपी) को बताया कि इन मौतों का कारण प्राकृतिक कारण, बुढ़ापा और खराब मौसम की स्थिति थी. सबसे अधिक मौतें मिस्र में हुईं, कम से कम 600, जो पिछले दिन के 300 से अधिक है.
मिस्र के लोगों के अलावा, इस संख्या में 132 इंडोनेशियाई, 60 जॉर्डन के लोग, 35 ट्यूनीशिया के लोग, 35 पाकिस्तानी, 13 इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र के लोग, 11 ईरानी और 3 सेनेगल के लोग शामिल हैं.
इस भयावह स्थिति के कारण लोगों ने अपने प्रियजनों का पता लगाने के लिए फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं.
2023 में, 200 से ज्यादा तीर्थयात्रियों की मौत की सूचना मिली थी, जिनमें से ज्यादातर इंडोनेशिया से थे. इस साल 1.83 मिलियन से ज्यादा लोगों ने हज किया, जिसमें 22 देशों के 1.6 मिलियन से ज्यादा लोग शामिल थे.
मक्का की हज यात्रा एक अनिवार्य धार्मिक कर्तव्य है जिसे उन मुसलमानों को करना चाहिए जो शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हैं, कम से कम जीवन में एक बार.
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