उत्तराखंड हिमस्खलन: सीएम धामी ने फंसे श्रमिकों को बचाने के प्रयासों की समीक्षा की; 16 को बचाया गया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 28-02-2025
U'khand avalanche: CM Dhami reviews efforts to save trapped workers; 16 rescued
U'khand avalanche: CM Dhami reviews efforts to save trapped workers; 16 rescued

 

देहरादून
 
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राज्य के चमोली जिले के माणा गांव के पास हुए भीषण हिमस्खलन में बर्फ में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए किए जा रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया. वह बर्फ में फंसे 57 श्रमिकों में से 41 को बचाने के प्रयासों की समीक्षा करने के लिए राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचे.
 
आज ही बद्रीनाथ के माणा गांव के सीमावर्ती क्षेत्र में निर्माण कार्य में लगे सीमा सड़क संगठन के कुल 57 श्रमिक बर्फ में फंस गए. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि उनमें से 16 को बाहर निकाल लिया गया और निकालने के प्रयास जारी हैं. बीआरओ एक सड़क निर्माण कार्यकारी बल है जो भारतीय सशस्त्र बलों को सहायता प्रदान करता है और उसका एक हिस्सा है.
 
सीएम धामी ने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और बीआरओ के कर्मियों द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया, "आज जोशीमठ (उत्तराखंड) के माना क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ है, जिससे बीआरओ का जीआरईएफ कैंप प्रभावित हुआ है. स्थिति के बारे में सीएम श्री @pushkardhami से बात की. प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है. स्थानीय सेना इकाइयों द्वारा बचाव कार्य भी जारी है. 
 
सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके फंसे हुए कर्मियों को बचाने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं." चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने एक स्व-निर्मित वीडियो में कहा कि भारतीय सेना, आईटीबीपी और राज्य आपदा राहत बल के कर्मियों को बचाव अभियान के लिए लगाया गया है. चमोली के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, "हिमस्खलन की सूचना मिली है. बर्फ हटाने का काम करने वाले बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के लगभग 57 मजदूर वहां डेरा डाले हुए थे. हमारी टीमें - आईटीबीपी, एसडीआरएफ और प्रशासन - जुट गई हैं. वहां सक्रिय वर्षा और बर्फबारी की गतिविधियां हैं. इसलिए, हम हेली-सेवाओं को तैनात करने में असमर्थ हैं. 
 
आवाजाही मुश्किल है." राज्य आपदा प्रतिवादन बल की पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल ने बताया कि माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कुल 57 श्रमिक प्रभावित हुए हैं. एसडीआरएफ के पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि एसडीआरएफ की एक टीम जोशीमठ से रवाना हो गई है, लेकिन लामबगड़ में सड़क अवरुद्ध होने के कारण सेना से संपर्क कर मार्ग खोलने की प्रक्रिया जारी है. 
 
अग्रवाल ने बताया, "सहस्रधारा हेलीपैड पर दूसरी टीम को अलर्ट पर रखा गया है. क्षेत्र के सटीक निर्देशांक प्राप्त कर लिए गए हैं. मौसम की स्थिति में सुधार होते ही एसडीआरएफ की उच्च ऊंचाई वाली बचाव टीम को हेलीकॉप्टर से निकटतम उपलब्ध स्थान पर उतारा जाएगा." इससे पहले आज धामी ने एक्स पर पोस्ट किया, "चमोली जिले के माणा गांव के पास बीआरओ द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य के दौरान कई श्रमिकों के हिमस्खलन में फंसने का दुखद समाचार मिला. आईटीबीपी, बीआरओ और अन्य बचाव दल द्वारा राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है. मैं सभी श्रमिक भाइयों की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं."