बैंकॉक (थाईलैंड)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंकॉक में आयोजित बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जहां उनसे क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए अहम घोषणाएं करने की उम्मीद है.
बिम्सटेक महासचिव इंद्र मणि पांडे ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भारत हमेशा से क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह एजेंडा और मजबूत होगा.
थाईलैंड के प्रयासों की सराहना
महासचिव पांडे ने थाईलैंड को हाल ही में आए भूकंप के बावजूद शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के लिए बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से बैंकॉक विजन 2030 को अपनाने, प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह की रिपोर्ट और समुद्री परिवहन सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे.
उन्होंने कहा, "यह गर्व की बात है कि थाईलैंड ने भूकंप जैसी चुनौतियों के बावजूद इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी की. हमें एक सफल सम्मेलन की उम्मीद है, जिसमें शिखर सम्मेलन की घोषणा, बैंकॉक विजन 2030 को अपनाने, प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह की रिपोर्ट को स्वीकार करने और समुद्री परिवहन सहयोग पर समझौते पर हस्ताक्षर जैसे बड़े कदम शामिल होंगे."
भारत की अग्रणी भूमिका और क्षेत्रीय सहयोग
बिम्सटेक के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत और थाईलैंड का सहयोग ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान बिम्सटेक नेताओं की रिट्रीट बैठक की मेजबानी की थी, जिससे इस संगठन के एजेंडे को नया आयाम मिला था.
महासचिव पांडे ने कहा, "भारत हमेशा बिम्सटेक के क्षेत्रीय सहयोग एजेंडे को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में बिम्सटेक नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी, जिसने इस संगठन को नई दिशा दी."
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी और थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा के बीच हुई बैठक से द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होगा. उन्होंने कहा, "भारत के बिम्सटेक सदस्य देशों के साथ बेहतरीन द्विपक्षीय संबंध हैं. मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी की द्विपक्षीय बैठक न केवल अन्य सदस्य देशों के साथ संबंध मजबूत करेगी, बल्कि सहयोग की भावना को भी बढ़ाएगी."
बांग्लादेश की अगली अध्यक्षता और क्षेत्रीय विकास में भूमिका
बांग्लादेश जल्द ही बिम्सटेक की अध्यक्षता संभालने वाला है. महासचिव ने बताया कि ढाका में स्थित बिम्सटेक सचिवालय इस संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रहेगा और व्यापार, निवेश और नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) के विकास में बांग्लादेश अहम भूमिका निभाएगा.
उन्होंने कहा, "बांग्लादेश अगली अध्यक्षता संभालेगा और हमें उम्मीद है कि वह व्यापार, निवेश और नीली अर्थव्यवस्था में क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा."
भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और थाईलैंड के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि गुजरात के अरावली में मिले भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को थाईलैंड भेजा जाएगा, ताकि वहां के श्रद्धालु उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि 1960 में गुजरात के अरावली क्षेत्र में मिले भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को दर्शन के लिए थाईलैंड भेजा जाएगा."
गुजरात पर्यटन विभाग के अनुसार, ये अवशेष देवनी मोरी से प्राप्त हुए थे, जहां तीसरी-चौथी शताब्दी के एक बौद्ध मठ के अवशेष मिले थे.प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि पिछले साल भी भगवान बुद्ध के अवशेष थाईलैंड भेजे गए थे, जहां 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन किए थे.
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन 2025 की थीम
बैंकॉक में आयोजित यह छठा बिम्सटेक शिखर सम्मेलन "समृद्ध, लचीला और खुला बिम्सटेक" थीम के तहत हो रहा है. इसका उद्देश्य व्यापार, सुरक्षा, कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना और बैंकॉक विजन 2030 को साकार करना है.
इस सम्मेलन में बिम्सटेक सदस्य देशों के शीर्ष नेता भाग लेंगे और क्षेत्रीय सहयोग को नए स्तर पर ले जाने के लिए कई अहम फैसले लिए जाएंगे.