वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने को पीएम मोदी ने बताया "महत्वपूर्ण क्षण"

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 04-04-2025
PM Modi calls the passing of Waqf Amendment Bill a
PM Modi calls the passing of Waqf Amendment Bill a "watershed moment"

 

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 के पारित होने को एक "महत्वपूर्ण क्षण" करार दिया और कहा कि इससे उन लोगों को लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से हाशिए पर हैं और जिनकी आवाज नहीं सुनी गई.

प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,
"वक्फ (संशोधन) विधेयक और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक का संसद द्वारा पारित होना सामाजिक-आर्थिक न्याय, पारदर्शिता और समावेशी विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इससे विशेष रूप से उन लोगों को मदद मिलेगी, जिन्हें लंबे समय से अवसरों से वंचित रखा गया था."

संसदीय चर्चाओं में भाग लेने वालों को पीएम मोदी का आभार

प्रधानमंत्री ने इस विधेयक को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले सांसदों का धन्यवाद किया. उन्होंने संसदीय और समिति चर्चाओं में भाग लेने वाले सभी सांसदों के प्रति आभार प्रकट किया और कहा कि "संवाद और बहस लोकतंत्र की ताकत है."

उन्होंने कहा,
"मैं उन अनगिनत लोगों का भी आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने संसदीय समिति को अपने बहुमूल्य सुझाव भेजे. इस प्रक्रिया ने एक बार फिर यह साबित किया कि व्यापक बहस और संवाद का कितना महत्व है."

विधेयक से पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार

प्रधानमंत्री ने कहा कि वक्फ प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी के कारण मुस्लिम महिलाओं और पसमांदा मुस्लिम समुदाय को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ.

"दशकों से, वक्फ प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का पर्याय बन चुकी थी. इससे विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुसलमानों और पसमांदा मुसलमानों के हित प्रभावित हुए. संसद द्वारा पारित नया कानून पारदर्शिता को बढ़ावा देगा और लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगा."

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार हर नागरिक की गरिमा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है.

"हम अब एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जहां वक्फ प्रबंधन अधिक आधुनिक और सामाजिक न्याय के प्रति संवेदनशील होगा. हमारी प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की गरिमा को सुनिश्चित करना है ताकि एक मजबूत, समावेशी और न्यायसंगत भारत का निर्माण किया जा सके.

विपक्ष का विरोध, कांग्रेस ने बताया "नकारात्मक रुख"

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने "नकारात्मक रुख" अपनाया है.

"हमने अपने विचार सरकार के सामने रखे, लेकिन उन्होंने नकारात्मक रवैया अपनाया और विधेयक को जबरन पारित कराया," खड़गे ने कहा.

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने इस विधेयक को "दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया और कहा कि यह "संविधान और राष्ट्र के हित में नहीं है."

"सरकार ने इस विधेयक में जो संशोधन किए हैं, वे समुदाय की मदद करने के लिए नहीं बल्कि एक खास वर्ग को निशाना बनाने के लिए किए गए हैं. यह विधेयक सही नहीं है," उन्होंने कहा।

राज्यसभा में बहस के बाद आधी रात को पारित हुआ विधेयक

संसद में शुक्रवार सुबह वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पारित हुआ. राज्यसभा में 12 घंटे से अधिक समय तक तीखी बहस के बाद मतदान हुआ, जिसमें 128 सांसदों ने समर्थन में और 95 ने विरोध में वोट डाला.

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने घोषणा की,
"128 मत हां में, 95 मत नहीं में, अनुपस्थित शून्य। विधेयक पारित हो गया."

केंद्र सरकार का बचाव, विधेयक का नाम बदला गया

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरें रिजिजू ने कहा कि "विपक्ष इस विधेयक को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है."

"यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचाने वाला है. विपक्ष बेवजह इसे विवादित बनाने की कोशिश कर रहा है," रिजिजू ने कहा.

सरकार ने संशोधित विधेयक का नाम बदलकर "उम्मीद (एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण दक्षता और विकास) विधेयक" रखने का फैसला किया है.

विधेयक का उद्देश्य

  • 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन कर वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना.

  • वक्फ बोर्डों की दक्षता बढ़ाना और पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना.

  • वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका बढ़ाना.

लोकसभा में भी हुआ था मैराथन मंथन

लोकसभा में बुधवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक पर लंबी चर्चा हुई थी और आधी रात के बाद इसे पारित किया गया.

सरकार ने संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों को शामिल करने के बाद संशोधित विधेयक पेश किया, जिसने पिछले साल अगस्त में मूल विधेयक की समीक्षा की थी.

यह विधेयक वक्फ अधिनियम, 1995 की खामियों को दूर करने और वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए लाया गया है.