नई दिल्ली. मुस्लिम धर्मगुरु चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें बंद रखने के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि मुस्लिम समुदाय को इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं होगी, क्योंकि यह हिंदू समुदाय की भावनाओं का सम्मान करता है. चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि हर धर्म की अपनी भावनाएं और आस्था होती है और उन्होंने अंतर-धार्मिक सम्मान के महत्व पर जोर दिया.
चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि मुसलमानों को इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि यह हिंदू समुदाय की भावनाओं का सम्मान करता है. यह प्रशासन का मामला है. मुस्लिम समुदाय को इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी क्योंकि हर धर्म की अपनी भावनाएं और आस्था जुड़ी होती हैं और हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह नवरात्रि के दिनों में पूजा-पाठ का खास ख्याल रखा जाता है, उसी तरह मुसलमानों को भी अपने हिंदू भाइयों के त्योहारों का सम्मान करना सिखाया जाता है. देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिवसीय हिंदू त्योहार चौत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होकर 7 अप्रैल को समाप्त होगा. यह त्योहार हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और अंतिम दिन भगवान राम के जन्मोत्सव राम नवमी के साथ समाप्त होता है.
मुस्लिम धर्मगुरु ने ईद से पहले आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम परिवारों के लिए भाजपा के राष्ट्रव्यापी आउटरीच कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और उन्हें धन्यवाद दिया. चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाखों वंचित मुसलमानों को श्सौगात-ए-मोदीश् ईद किट वितरित करने की पहल की सराहना की. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे प्रधानमंत्री ने रमजान के पवित्र महीने के दौरान हाशिए पर पड़े मुस्लिम समुदाय की स्थितियों का आकलन किया और उन लोगों तक पहुंचे जो ईद को खुशी से नहीं मना पा रहे थे.