संसद के बजट सत्र का अंतिम दिन: केंद्र सरकार प्रमुख विधेयकों के पारित होने पर दे रही जोर

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 04-04-2025
Last day of the budget session of Parliament: The central government is focusing on the passage of major bills
Last day of the budget session of Parliament: The central government is focusing on the passage of major bills

 

नई दिल्ली

संसद के बजट सत्र का आज अंतिम दिन है, और केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने के लिए प्रयासरत है. इस दौरान कई अहम विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे और कुछ महत्वपूर्ण रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएंगी.

गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण विधेयक

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा गोवा राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व के पुनर्समायोजन से संबंधित विधेयक, 2024 को संसद में पेश किए जाने की संभावना है. इसका उद्देश्य गोवा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना और विधानसभा में सीटों का पुनर्समायोजन करना है.

विधायी कार्य एजेंडे में कहा गया है कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 332 के तहत अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संशोधन करेगा.

मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश करेंगे.

जलवायु-लचीली कृषि और शहरी परिवहन पर रिपोर्ट पेश होगी

लोकसभा में जलवायु-लचीली कृषि को लेकर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट पेश की जाएगी. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से संबंधित अनुमान समिति (2024-25) की छठी रिपोर्ट का विषय "केवीके के माध्यम से जलवायु अनुकूल कृषि, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना" होगा.

इसके साथ ही, क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (RRTS) और NCRTC की भूमिका पर आवास एवं शहरी मामलों की स्थायी समिति (2024-25) की पांचवीं रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी.

विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज भी होंगे पेश

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, प्रतापराव जाधव, जयंत चौधरी, पंकज चौधरी, अनुप्रिया पटेल, एसपी सिंह बघेल, कीर्ति वर्धन सिंह, शांतनु ठाकुर, कमलेश पासवान, सुकांत मजूमदार, सावित्री ठाकुर और पाबित्रा मार्गेरिटा अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज संसद में प्रस्तुत करेंगे.

वक्फ संशोधन विधेयक पारित, नाम बदला गया

संसद में शुक्रवार सुबह वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 पारित हो गया. इस पर राज्यसभा में 12 घंटे से अधिक चली बहस के बाद मतदान हुआ, जिसमें 128 सांसदों ने पक्ष में और 95 ने विरोध में मतदान किया.

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने घोषणा की, "128 मत हां में, 95 मत नहीं में, अनुपस्थित शून्य। विधेयक पारित हो गया."

इस विधेयक का नाम अब "उम्मीद (एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण दक्षता और विकास) विधेयक" रखा जाएगा.

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरें रिजिजू ने विपक्षी दलों पर विधेयक को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि "यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाएगा."

विधेयक के उद्देश्य

विधेयक का मुख्य उद्देश्य 1995 के वक्फ अधिनियम में संशोधन कर वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना है. इसमें वक्फ बोर्डों की दक्षता बढ़ाने, पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी को शामिल करने पर जोर दिया गया है.

संसद के बजट सत्र का सफर

संसद का बजट सत्र दो भागों में आयोजित किया गया था—

  • पहला भाग 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चला.

  • दूसरा भाग 10 मार्च को शुरू हुआ और आज समाप्त होगा.

इस सत्र के दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने पर जोर दिया और कई महत्वपूर्ण चर्चाएं भी हुईं.