Jagdambika Pal said 'Waqf Amendment Bill 2024 will be passed', opposition raised questions on government's intentions
नई दिल्ली
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 को आज लोकसभा में पेश किया जाएगा. इस बिल पर चर्चा के लिए स्पीकर ओम बिरला ने 8 घंटे का समय तय किया है. बिल को एक ओर जहां जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका काल ने कल्याणकारी बताया तो वहीं विपक्ष के कई नेताओं ने इसका पुरजोर विरोध किया.
आईएएनएस से बातचीत में जगदंबिका पाल ने कहा, “आज वक्फ संशोधन बिल पेश होगा. सरकार ने इसे जेपीसी को भेजा था, हमने 6 महीने मेहनत की. विपक्ष कह रहा था कि यह बिल रुक जाएगा, बिहार चुनाव तक लटकेगा, लेकिन सरकार इसे लेकर आई है. यह बिल पास होगा. इससे गरीब, पिछड़े और आम मुसलमानों को फायदा होगा, जो अभी तक नहीं मिल रहा था.”
उन्होंने बताया, “वक्फ की इतनी बड़ी संपत्ति है, फिर भी इसे बेचने की बातें होती थीं, जबकि यह बिक नहीं सकती. देखभाल करने वालों को फायदा मिलता था. 2013 के यूपीए संशोधन ने बोर्ड को ऐसी ताकत दी थी, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 300ए का उल्लंघन करती थी. आज हम इसे ठीक कर रहे हैं.”
पाल ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी को संविधान का ज्ञान है? वे अपनी सरकार के बिल को फाड़ते थे. पहले इसे पढ़ें, फिर चर्चा करें. जेपीसी में झगड़ा, जंतर-मंतर पर धरना—यह सब क्यों? हमारा मकसद सबका विकास है.
वहीं, सपा नेता अबू आजमी ने बिल को मुसलमानों के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा, “अगर यह बिल पास हुआ, तो आज का दिन बहुत बुरा होगा. हमारी पूरी कोशिश होगी कि इसे रोका जाए. सरकार की नीयत मुसलमानों के लिए खराब है. वे हमारा निजी कानून खत्म करना चाहते हैं. हर मस्जिद के नीचे मंदिर दिखता है. छत पर नमाज नहीं पढ़ सकते. सड़क पर 5 मिनट नमाज पढ़ें, तो लाइसेंस रद्द कर देते हैं. यह क्या है? मैं सभी सांसदों से कहता हूँ, इंसानियत के नाते इसका विरोध करें.”आजमी ने कहा कि मुस्लिम संगठन इसकी रणनीति बनाएँगे और बड़ा आंदोलन होगा.
कांग्रेस सांसद कोडिकुन्निल सुरेश ने कहा, “हम इस बिल का विरोध करेंगे. कल संसद में इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई. हमने सर्वसम्मति से इसका विरोध करने का फैसला किया.”
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा, “यह बिल बड़े वर्ग की संपत्ति और निजी जमीनों में दखल दे रहा है. सरकार की मंशा पर सवाल उठता है.”
कांग्रेस के मणिकम टैगोर ने कहा, “राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया ब्लॉक के 22 दलों के साथ 2 घंटे से ज्यादा चर्चा की. हम बहस करेंगे, दबाव बनाएंगे और इसके खिलाफ वोट करेंगे.”
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, “यह बिल एक धार्मिक समुदाय को निशाना बना रहा है. पिछले 10-11 सालों में लव जिहाद, थूक जिहाद, फ्लड जिहाद जैसे मुद्दे उठाए गए. बुलडोजर जस्टिस चल रहा है. एक पार्टी का एजेंडा है कि एक धर्म को निशाना बनाकर बाकियों को अपने पक्ष में कर चुनाव जीतें. आज वोटिंग से पता चलेगा कि कौन सेक्युलर है. भाजपा तो पक्ष में वोट देगी, यह उनका राजनीतिक एजेंडा है. टीडीपी संशोधन लाई है, वे समर्थन करेंगे क्योंकि उनका चुनाव दूर है. जदयू को बिहार चुनाव के चलते सोचना होगा. शायद वॉकआउट करें, ताकि भाजपा को मौका मिले. चिराग पासवान की पार्टी भी ऐसा कर सकती है.”
सिब्बल ने पीएम मोदी से सवाल किया, “हिंदू धर्म में सुधार क्यों नहीं लाते? मस्जिद गिरती है, संभल में हंगामा होता है, आप चुप रहते हैं. हिंदू वसीयत में बेटियों को संपत्ति नहीं मिलती, इसके लिए क्या किया? ट्रिपल तलाक ठीक किया, लेकिन हिंदू महिला को घर से निकाला जाता है, उसके लिए क्या किया? एक धर्म के लिए इंसाफ लड़ते हैं, तो सबके लिए लड़ें. हम साथ देंगे. चुनिंदा काम से यह संदेश जाता है कि आप एक धर्म के खिलाफ हैं. यह संविधान के खिलाफ है.”