अजमेर
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2.4 लाख रुपये की रिश्वत मामले में दो व्यक्तियों - पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) के एक वरिष्ठ महाप्रबंधक और एक निजी कंपनी मेसर्स केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के एक उप महाप्रबंधक (डीजीएम) को गिरफ्तार किया है.
ये गिरफ्तारियां एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद की गई, जिसमें आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था. कथित तौर पर केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के डीजीएम ने पीजीसीआईएल के सीनियर जीएम को दोनों संस्थाओं के बीच अनुबंधों से संबंधित बिलों की प्रोसेसिंग और पासिंग में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले में रिश्वत दी थी.
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, 19 मार्च को कुल छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें पीजीसीआईएल के सीनियर जीएम, जो अजमेर शाखा में तैनात थे, और मुंबई स्थित निजी कंपनी केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि आरोपी लोक सेवक कथित तौर पर केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड को दिए गए अनुबंधों के भुगतान की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने में शामिल था, जिसके बदले में अवैध रिश्वत ली गई थी. सीबीआई ने 19 मार्च को एक सफल ऑपरेशन किया, जहां आरोपी सीनियर जीएम को सीकर में पहले से तय स्थान पर केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के डीजीएम सुमन सिंह से 2.4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया. गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने सीकर, जयपुर और मोहाली में आरोपियों के आवासीय और कार्यालय परिसरों सहित विभिन्न स्थानों पर तलाशी शुरू की. इन तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति हैं: उदय कुमार, वरिष्ठ महाप्रबंधक (सीनियर जीएम), पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल), अजमेर और सुमन सिंह, उप महाप्रबंधक, मेसर्स केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड (केईसीआईएल), जयपुर, एफआईआर में जिन आरोपियों के नाम हैं: जबराज सिंह, उपाध्यक्ष और प्रमुख, ट्रांसमिशन और वितरण (टीएंडडी), उत्तर भारत, मेसर्स केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड; अतुल अग्रवाल, वरिष्ठ प्रबंधक, वित्त एवं लेखा (एफएंडए), मेसर्स केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड, जयपुर; आशुतोष कुमार, कर्मचारी, मेसर्स केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड, सीकर; मेसर्स केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड, मुंबई, अन्य अज्ञात लोक सेवक और निजी व्यक्ति.