अयोध्या
रामनवमी आने में बस एक दिन बाकी है, अयोध्या में श्री राम जन्मोत्सव की व्यापक तैयारियां चल रही हैं, रविवार को देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पवित्र शहर में पहुंचने की उम्मीद है.
सुरक्षित और सुचारू उत्सव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. ड्रोन और व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए निगरानी की जा रही है.
अयोध्या रेंज के पुलिस महानिरीक्षक प्रवीण कुमार ने कहा: "सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है. नाविकों और विक्रेताओं सहित शहर के निवासी भी सतर्कता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने में भूमिका निभा रहे हैं."
बड़ी भीड़ और बढ़ती गर्मी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नागरिक प्रशासन के साथ व्यवस्थाओं का समन्वय किया जा रहा है. आईजी ने कहा, "भीड़ प्रबंधन और भक्तों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सभी लोग मिलकर काम कर रहे हैं."
तीर्थयात्रियों की आमद को प्रबंधित करने के लिए विशेष यातायात और भीड़ नियंत्रण उपाय किए गए हैं. उन्होंने कहा, "राम मंदिर, कनक भवन, हनुमान गढ़ी और रामपथ के आसपास के क्षेत्र को जोन में बांटा गया है. जरूरत पड़ने पर आवाजाही को आसान बनाने के लिए आंतरिक डायवर्जन किया जाएगा." जिला प्रशासन ने राम कथा पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों की श्रृंखला की भी योजना बनाई है. इस वर्ष का मुख्य आकर्षण 'सूर्य तिलक' अनुष्ठान है, जिसमें राम नवमी के दिन दोपहर में सूर्य की किरणें भगवान राम की मूर्ति का अभिषेक करेंगी.
इस दुर्लभ खगोलीय घटना का दुनिया भर के भक्तों के लिए सीधा प्रसारण किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से इस कार्यक्रम को टेलीविजन पर देखने का आग्रह किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, "श्री राम नवमी के पावन अवसर पर कल अयोध्या धाम में भगवान सूर्य भगवान श्री राम का तिलक करते नजर आएंगे... इस कार्यक्रम को टेलीविजन पर जरूर देखें." श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि राम नवमी सिर्फ एक त्योहार नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और वैज्ञानिक परंपरा का अनूठा संगम है.
मंदिर परिसर में भक्ति गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं. उन्होंने बताया कि प्रसिद्ध कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज द्वारा अंगद टीला प्रांगण में प्रतिदिन श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है. इसके अलावा, गर्भगृह के बाहर रामचरितमानस का दैनिक नवाह्न पारायण (सुबह 8.30 से 11.30 बजे तक) और वाल्मीकि रामायण का पाठ (सुबह 8.30 से 11.30 बजे तक और दोपहर 3 से 6 बजे तक) हो रहा है.
राय ने बताया कि मंदिर के उत्तर-पूर्व कोने में विशेष वैदिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं, जहां जनवरी में प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ हुआ था. दस वेदपाठी आचार्य प्रतिदिन तीन घंटे तक एक लाख मंत्रों का जाप कर रहे हैं. हवन का समापन रामनवमी पर महायज्ञ में होगा. उत्सव के दिन सुबह 6 बजे श्री राम लला का पवित्र जल, पंचामृत और पारंपरिक हर्बल तैयारियों से अभिषेक किया जाएगा, उसके बाद सुबह 9.30 से 10.30 बजे तक विशेष श्रृंगार और भोग अर्पण किया जाएगा.
जन्मोत्सव समारोह के दौरान दोपहर में भव्य आरती और छप्पन भोग का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों का दूरदर्शन और अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण किया जाएगा.