सुरेश कृष्णन ने देखी कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’, बताया ‘असाधारण सिनेमाई उपलब्धि’

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 26-03-2025
Suresh Krishnan watches Kangana Ranaut's 'Emergency', calls it an 'extraordinary cinematic achievement'
Suresh Krishnan watches Kangana Ranaut's 'Emergency', calls it an 'extraordinary cinematic achievement'

 

मुंबई
 
फिल्म निर्माता निर्देशक सुरेश कृष्णन ने कंगना रनौत की फिल्म ‘इमरजेंसी’ की खूब तारीफ की. अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक पत्र शेयर किया, जिसे उनके लिए कृष्णन ने लिखा और फिल्म को ‘असाधारण सिनेमाई उपलब्धि’ बताया.  
 
कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम के स्टोरीज सेक्शन पर सुरेश कृष्णन के पत्र को शेयर किया, जिसमें लिखा है, “ डियर कंगना, मैंने हाल ही में नेटफ्लिक्स पर ‘इमरजेंसी’ देखी है और मुझे कहना होगा कि यह एक असाधारण सिनेमाई उपलब्धि है.“
 
उन्होंने आगे लिखा, “फिल्म की पटकथा और निर्देशन शानदार है, कथा और गति की समझ बेजोड़ है. आपका अभिनय अभूतपूर्व और गहराई से डूबने वाला है. मुझे लगता है कि आपके किरदार की बारीकियों और कहानी की गहराई को समझने के लिए इसे देखना चाहिए. बहुत कम फिल्में ऐसा प्रभाव छोड़ती हैं, लेकिन ‘इमरजेंसी’ ने ऐसा किया. अंतिम फ्रेम के बाद मैंने खुद को पूरी तरह से इसके भावनात्मक और विषयगत भार में डूबा हुआ और कुछ मिनटों के लिए मौन में बैठे पाया. यह एक दुर्लभ अनुभव रहा.“
 
निर्देशक ने फिल्म को बेहद शानदार बताया, उन्होंने कहा, “इतनी सशक्त और विचारोत्तेजक फिल्म देने के लिए आपको और आपकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई. आपके सिनेमाई प्रयासों में निरंतर सफलता की कामना करता हूं."
 
बायोग्राफिकल फिल्म ‘इमरजेंसी’ की सह-निर्माता-निर्देशक खुद कंगना हैं. 70 के दशक में भारत में लगी इमरजेंसी पर बनी फिल्म की पटकथा रितेश शाह ने तैयार की है. फिल्म में रनौत देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका में हैं.
 
‘भारतीय लोकतंत्र के सबसे चर्चित अध्यायों में से एक को मनोरंजक अंदाज में पेश करती 'इमरजेंसी' में कंगना के साथ अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े के साथ दिवंगत अभिनेता सतीश कौशिक समेत अन्य कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं.
 
देश में 1975-77 के दौरान लगाए गए आपातकाल पर बनी कंगना रनौत की 'इमरजेंसी' 17 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, जिसे पंजाब के साथ ही देश के कुछ हिस्सों में विरोध का सामना करना पड़ा था.