हिंदी फिल्मों में सर्किट के नाम से मशहूर हैं अरशद वारसी

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 21-04-2023
हिंदी फिल्मों में सर्किट के नाम से मशहूर हैं अरशद वारसी
हिंदी फिल्मों में सर्किट के नाम से मशहूर हैं अरशद वारसी

 

आवाज द वाॅयस /मुंबई

अरशद वारसी का जन्म 19 अप्रैल 1968 को मुंबई में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम अहमद अली खान था. अरशद 14 साल की उम्र में ही अनाथ हो गए थे. उन्हें कम उम्र में ही संघर्षमय जीवन शुरू करना पड़ा. 
 
अरशद वारसी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नासिक के एक बोर्डिंग स्कूल से प्राप्त की, लेकिन घर की परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी शिक्षा 10 वीं कक्षा तक ही सीमित रखनी पड़ी.आर्थिक तंगी के चलते अरशद को 17 साल की कम उम्र में ही सेल्समैन की नौकरी करनी पड़ी.
 
वह घर-घर जाकर सौंदर्य प्रसाधन बेचते थे. उसके बाद उन्होंने एक फोटो लैब में काम किया. इसी बीच उनकी रुचि नृत्य की ओर हो गई . उन्होंने अकबर सामी के नृत्य समूह में भाग लिया. वहां उन्होंने डांस के क्षेत्र में काफी मेहनत की. उन्होंने 1991 में भारतीय नृत्य प्रतियोगिता का खिताब भी जीता था. इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड की ओर रुख किया.
 
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बॉलीवुड में अरशद का डेब्यू काफी संघर्षपूर्ण रहा. उन्हें अमिताभ बच्चन की कंपनी तेरे मेरे सपने के साथ हिंदी सिनेमा में अभिनय करने का पहला मौका मिला. इस दौरान उन्हें कई फिल्मों में काम करने का मौका मिला, लेकिन बॉलीवुड में अपनी पहचान नहीं बना पाए.
 
काफी संघर्ष के बाद, वह राजू हिरानी द्वारा निर्देशित मुना भाई एमबीबीएस के साथ बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे. इस फिल्म में उन्होंने सर्किट का किरदार निभाया था जिसे आज भी बॉलीवुड फैन्स याद करते हैं.
 
इस फिल्म में वह संजय दत्त के दाहिने हाथ के किरदार में नजर आए थे. फिल्म में सर्किट का रोल इतना पॉपुलर हुआ कि फिल्म के हिट होने के बाद उन पर जोक्स भी बनने लगे थे. उसके बाद, वह फिर से राजू हिरानी की इस फिल्म के सीक्वल लगे रहो मुन्ना भाई में दिखाई दिए. दोनों फिल्मों के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया.
 
इन फिल्मों के बाद अरशद वारसी के काम की तारीफ होने लगी. उन्हें अगली बार रोहित शेट्टी की गोलमाल सीरीज में देखा गया. जिसमें दर्शकों ने उनके किरदार को बेहद पसंद किया. अरशद वारसी न केवल हास्य भूमिकाएं बहुत अच्छी तरह से निभाते हैं, वे पर्दे पर भी बहुत अच्छी भूमिकाएं निभाते हैं. इश्कियां और डेरे इश्कियां फिल्म में उन्होंने यह साबित किया है.
 
उन्होंने अब तक लगभग 47 फिल्मों में काम किया है, जिसमें उन्होंने 2014 में डेढ़ इश्कियां और 2010 में बाबिन हुसैन की भूमिका निभाई, जिसे प्रशंसकों ने बहुत पसंद किया. साल 2013 में जाॅली एलएलबी में वकील की भूमिका में जगदीश त्यागी (जाॅली) की भूमिका में अरशद वारसी को खूब पसंद किया गया.
 
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इसी तरह, अरशद वारसी ने 2011 में डबल धमाल में आदी की हास्य भूमिका निभाई. साल 2007 में आई फिल्म संडे में बबलू के रोल में नजर आए अरशद वारसी ने अपनी जबर्दस्त कॉमेडी से अपने फैन्स का खूब मनोरंजन किया.
 
2006 में उनकी एक और फिल्म एंथोनी कौन है रिलीज हुई जिसमें अरशद ने चंपक चैधरी की भूमिका निभाई. इसी तरह, उनकी अन्य फिल्में जैसे कुछ मीठा है, किस से प्यार करें चॉकलेट, सलाम नमस्ते,  जानी दुशम, मेरी बीवी से बचाओ, होगी प्यार की जीत, हीरो ने भारतीय फिल्मों में अपने अभिनय का जौहर दिखाया. अरशद ने मारिया से शादी की है. उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी.