Madhya Pradesh: Shivpuri has a unique Balari Mata temple, where one can have divine darshan in the form of a skeleton
शिवपुरी
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित बलारी माता मंदिर आस्था और रहस्यमय मान्यताओं का केंद्र है. इस मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता यहां विराजित माता बलारी की प्रतिमा है, जो कंकाल स्वरूप में दिखाई देती है. यह रूप माता की जागृत शक्ति और उनके अद्भुत स्वरूप का प्रतीक माना जाता है.
भक्तों का मानना है कि माता दिनभर में अपने तीन अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देती हैं. वह भक्तों को सुबह बाल रूप, दोपहर में युवा रूप और रात को वृद्ध रूप में दर्शन देती हैं.
मंदिर के मुख्य महंत प्रयाग भारती बताते हैं कि माता की कृपा से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है. यह मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शक्ति और श्रद्धा का प्रतीक बन चुका है, जहां भक्त अपनी आस्था के साथ माता के अलौकिक दर्शन करने आते हैं.
महंत प्रयाग भारती ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बताया कि यह एक प्राचीन मंदिर है. इसकी कई मान्यताएं हैं. उन्होंने कहा कि यहां आने वाले सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है. सबसे अनोखी बात यह है कि माता यहां अलग-अलग रूप में दर्शन देती हैं. चैत्र नवरात्रि में यहां भव्य मेला लगता है.
मंदिर में सेवादार गज्जू महराज ने कहा कि वह कई वर्षों से मंदिर में सेवादार के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यहां काफी दूर-दूर से भक्त आते हैं. यहां स्थित मंदिर काफी पुराना है. जंगल के बीच में बना यह मंदिर लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन गया है.
मंदिर से जुड़ी एक लोककथा के अनुसार, लाखा बंजारा नामक व्यापारी को माता के दिव्य दर्शन प्राप्त हुए थे. कथा के मुताबिक जब लाखा बंजारा अपनी बैलगाड़ी के साथ एक झरने के पास रुके, तो माता ने उसकी पुत्री के साथ खेलना शुरू किया. जब माता चलने लगीं, तो उन्होंने लाखा बंजारे से पीछे मुड़कर न देखने का आग्रह किया, लेकिन जैसे ही लाखा ने पीछे देखा, माता वहीं स्थायी रूप से प्रतिष्ठित हो गईं और तब से यह स्थान एक पवित्र तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो गया.
यह मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का केंद्र भी है. चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन यहां विशाल मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से भक्तजन माता के दर्शन करने और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं.
बलारी माता मंदिर अपनी अनोखी प्रतिमा और रहस्यमय कथा के कारण पूरे मध्य प्रदेश में प्रसिद्ध है. यहां आने वाले भक्त माता के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते हैं.