
दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल में सिलीगुड़ी में हिंदू दुकानों से बिरयानी और पूजा-सामग्री खरीदने की अपील ने बाजार में धार्मिक पहचान की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. क्या कारोबार में गुणवत्ता, कीमत और भरोसे की जगह धर्म लेने लगेगा? यह विवाद छोटे व्यापारियों की आजीविका, सांप्रदायिक सौहार्द और त्योहारों की साझा सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा है.
मंजीत ठाकुर
दुर्गापूजा बंगाल में केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कला, शिल्प, खान-पान, रोजगार और सामुदायिक जीवन का एक बड़ा उत्सव ह......Read more