
यूनुस अलवी/ मेवात/हरियाणा
मेवात में कभी किसी बुजुर्ग के सिर पर बंधा सफेद फेंटा देखते ही उसकी उम्र, सामाजिक हैसियत और अनुभव का अंदाजा लगाया जाता था। गांव की चौपाल हो या पंचायत, शादी का समारोह हो या कोई सामाजिक आयोजन, पगड़ी यानी फेंटा मेवाती समाज की पहचान का हिस्सा हुआ करता था। किसी सम्मानित व्यक्ति के सिर पर फेंटा बांधना सम्मान की परंपरा थी। इसे मेवात की शान और चî...Read more
डॉ. अनिल कुमार निगम
कभी इंटरनेट पर किसी वेबसाइट में प्रवेश करने से पहले हमें टेढ़े-मेढ़े अक्षरों अर्थात कैप्चा को पहचानना पड़ता था। इसके अलावा तस्वीरों में ट्रैफिक लाइट, बस या साइकिल चुननी पड़ती थी। और कई मर्तबा एक छोटे-से गणितीय सवाल का उत्तर देकर साबित करना पड़ता था कि हम इंसान हैं। यह मशीनों के खिलाफ इंसान की परीक्षा थी।
लेकिन अब स्थिति बदल रही है। मशीनें इतनी सक्षम हो चुकी हैं कि वे सिर्फ अक्षरों को पहचानने या गणित हल करने तक सीमित नहीं, बल्कि वे वेबसाइट खोल सकती हैं, जानकारी खोज स......Read more