
सीता
देश के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि उसके श्रम की कोई कीमत नहीं है. दिन की शुरुआत घर के काम से होती है और एक बड़ा हिस्सा खेत, पशुओं और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच गुजर जाता है। सुबह से शाम तक काम करने के बावजूद उसके हाथ में अपनी कमाई नहीं होती है। वह परिवार की अर्थव्यवस्था को संभालने में लगातार योगदान देती है, लेकिन इसके बावजूद आर्थिक फैसलों में उसकी भूमिका लगभग ज़ीरो होती है।
लूणकरणसर जैसे ग्रामीण क्षेत्र में यह स्थिति आज भी सì......Read more