
आमिर सुहेल वानी
मुस्लिम सभ्यता का इतिहास मानवता की सबसे उल्लेखनीय बौद्धिक यात्राओं में से एक समेटे हुए है। आठवीं और बारहवीं शताब्दी के बीच, मुस्लिम दुनिया ने न केवल ग्रीस (यूनान) की दार्शनिक विरासत को सुरक्षित रखा; बल्कि इसका अनुवाद, आलोचना, रूपांतरण और प्रसार भी किया। बगदाद, दमिश्क, बसरा, निशापुर, काहिरा, बुखारा और कॉर्डोबा ऐसे केंद्र बन गए जहाँ ईश्वरीय संदेश (Revelation) का सामना तर्क से हुआ, ग्रीक तत्वमीमांसा (Metaphysics) का मिलन कुरान के एकेश्वरवाद से हुआ, और प्रकृति के विज्ञान को अस्तित्व की एक ......Read more