
अल्फिया शेख, सोलापूर
उर्दू ज़बान-ओ-अदब के मोतबर नाम, मारूफ़ शायर, नक़्क़ाद और उस्ताद-ए-मुहतरम बशीर परवाज़ 82बरस की उम्र में इस दुनिया-ए-फ़ानी से कूच कर गए। सोलापुर के नोबल हॉस्पिटल में उन्होंने आख़िरी सांस ली। उनके इंतेक़ाल की ख़बर मिलते ही पूरे महाराष्ट्र समेत मुल्क के अदबी और तअलीमी हल्क़ों में रंज-ओ-ग़म की लहर दौड़ गई। सोलापुर के जडे साहब क़ब्रिस्तान में नमाज़-ए-...Read more
डॉ.अनिल कुमार निगम
आज एआई का युग है। एक छात्र गणित का सवाल हल करते-करते रुकता है और स्मार्टफोन पर AI से उत्तर पूछ लेता है। दूसरा छात्र निबंध लिखने के बजाय AI से पूरा निबंध तैयार करवा लेता है। तीसरा विज्ञान के सवाल का जवाब बिना जांचे सही मान लेता है। काम तीनों का पूरा हो गया, लेकिन सवाल यह है कि इसका छात्रों के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इससे उन्होंने क्या सीखा? क्या इससे बच्चों की सोचने,समझने और सीखने की क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा?
यही प्रश्न और चिंता अब भारत सहित &......Read more