
मलिक असगर हाशमी
मुंबई की सड़कों पर कोई शेखी बघारे तो सुनने वाला हंसकर कह देता है,“क्या छपरी बात कर रहा है!” हरियाणा के खेतों में गपबाज़ी को “उरले-परले की” कह दिया जाता है, कोलकाता की गलियों में “जा बेटा” से बात टलती है, तो बिहार में “मारम न” की धमकी में ही एक अपनापन छुपा होता है। हर शहर की अपनी ज़बान है, अपने मुहावरे हैं।
लेकिन अगर आप पुरानी दिल्ली की तंग और ...Read more
प्रमोद जोशी
अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी को ईरान में सत्ता बदलने के मकसद से जो युद्ध शुरू किया था, वह बड़ी नाकामी साबित हुआ है. इससे दुनिया में पैदा हुआ संकट अपनी जगह है, पर अब देखना होगा कि अमेरिका और इसराइल की राजनीति पर उसका क्या प्रभाव पड़ा है.
इसका पहला अनुमान इस साल अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों और इसराइल के आम चुनावों से लगेगा. हालाँकि डॉनल्ड ट्रंप के कार्यकाल में दो साल बाकी हैं, पर मध्यावधि चुनावों से उनकी लोकप्रियता का पता ज़रूर लगेगा.
अमेरिका में ह......Read more