
डॉ. अनिल कुमार निगम
एक समय था जब किसी युवा की शैक्षिक योग्यता उसके करियर की सबसे बड़ी पूंजी मानी जाती थी। स्नातक, परास्नातक या किसी पेशेवर पाठ्यक्रम की डिग्री रोजगार के दरवाजे खोलने के लिए पर्याप्त होती थी। लेकिन बदलती अर्थव्यवस्था, तकनीकी क्रांति और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते कदमों ने रोजगार की तस्वीर बदल दी है।
आज सवाल केवल यह नहीं है कि युवा ने क्या पढ़ा है, बल्कि यह भी है कि वह क्या कर सकता है, कितना तेजी से सीख सकता है और बदलती तकनीक तथा परिस्थितियों के साथ स......Read more