
साकिब सलीम
2अक्टूबर 1904को जन्मे लाल बहादुर शास्त्री ने अपने करियर में अत्यंत गरीबी से उठकर देश के प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया—और वह भी बिना किसी सिद्धांत से समझौता किए। उन्हें जानने वाले हर व्यक्ति ने एक ही बात पर ज़ोर दिया: सत्ता उन्हें बदल नहीं सकी। गांधी जी का वह मूलमंत्र, जिसे शास्त्री जी दोहराना पसंद करते थे, यही था: "पद पर रहते हुए हमेशा निर्लिप्त (हल्के हो...Read more
राजीव नारायण
अपनी आँखों के सामने पोर्टफोलियो से लाखों रुपये गायब होते देख रहे भारतीय घरेलू निवेशकों के लिए, यह अब केवल स्क्रीन पर दिखने वाला एक मामूली 'मार्केट करेक्शन' (बाज़ार का सुधार) नहीं रह गया है। यह इस बात का एक कड़ा सबक है कि कैसे वैश्विक पैसा, कच्चा तेल, ब्याज दरें और विदेशी मुद्राएँ अचानक एक-दूसरे से टकराकर कागज़ी संपत्ति (पेपर वेल्थ) के हज़ारों करोड़ रुपये पल भर में साफ़ कर सकती हैं।
जब एक शेयर पोर्टफोलियो लाल निशान में बदलता है, तो एक अजीब सी खामोशी छा जाती है। आँकड़े अभी भ......Read more