
साकिब सलीम
2अक्टूबर 1904को जन्मे लाल बहादुर शास्त्री ने अपने करियर में अत्यंत गरीबी से उठकर देश के प्रधानमंत्री पद तक का सफर तय किया—और वह भी बिना किसी सिद्धांत से समझौता किए। उन्हें जानने वाले हर व्यक्ति ने एक ही बात पर ज़ोर दिया: सत्ता उन्हें बदल नहीं सकी। गांधी जी का वह मूलमंत्र, जिसे शास्त्री जी दोहराना पसंद करते थे, यही था: "पद पर रहते हुए हमेशा निर्लिप्त (हल्के हो...Read more
(विश्व शराब-मुक्त दिवस - 02 अक्टूबर 2026)
डॉ. प्रितम भि. गेडाम
शराबी का नाम आते ही हमारे जहन में सबसे पहले जो छवि उभरती है, वो एक दुर्गुणों से भरपूर गंदे व्यक्ति की, जो नशे की हालत में अपने होश खो चूका है और जीवन को तबाह करने पर तुला हैं। जिसे कोई सम्मान नहीं देना चाहता, हर कोई शराबियों से दूर रहना चाहते है, परिवार के लोग भी अपने पारिवारिक शराबी सदस्य को नफरत की नजर से देखते हैं। खुद शराबी भी कभी अपने बच्चे को शराबी बनता हुआ देखना पसंद नहीं करता। शराब के नशे में आज बाप बेटे की जान लेत......Read more