
अब्दुल्लाह मंसूर
जेफ्री एपस्टीन का मामला पहली नज़र में एक ऐसे आदमी की कहानी लगता है जो एक घिनौने अपराध में पकड़ा गया। लेकिन जैसे-जैसे यह मामला खुलता है, यह साफ़ हो जाता है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं है। यह सत्ता, पैसे, नैतिकता और न्याय व्यवस्था के पूरे सिस्टम की कहानी है। एपस्टीन की लिस्ट में समाज का हर वर्ग शामिल है चाहे वे आध्यात्मिक गुरु हों, नास्तिक हों, राजनेता हों, कलाकार हों या शिक्षाविद। यह केस हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कुछ अपराध इसलिए नहीं होते क्योंकि कोई ......Read more