
मृदगंधा दीक्षित
इस्लाम में अल्लाह को निर्गुण और निराकार माना जाता है। इसलिए इसमें मूर्ति पूजा या सगुण उपासनाकी कोई जगह नहीं है। लेकिन इसके बावजूद, इतिहास से लेकर आज तक कई मुस्लिम कलाकारों ने अपने ब्रशसे हिंदू देवी-देवताओं की बेहद खूबसूरत तस्वीरें उकेरी हैं। इन कलाकृतियों में दोनों संस्कृतियों का एक शानदार संगम देखने को मिलता है।
दो संस्कृतियों कí...Read more
डॉ. प्रितम भि. गेडाम
आज के आधुनिक युग में मनुष्य ने भौतिक सुख के चक्कर में अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ समझौता कर लिया हैं। जिधर देखो उधर अनैतिकता, स्वार्थ, धोखाधड़ी का साम्राज्य फैला हुआ हैं। कोई हमसे ऊंची आवाज में भी बात करें तो हम पलटकर उल्टा जवाब देते या वादविवाद करते है, परंतु कोई मिलावटखोरी, प्रदूषण, अस्वच्छता के द्वारा हमें महंगे लाइलाज जानलेवा बीमारियां भी दे दे तो हम उफ़ तक नहीं करते, क्योंकि हमनें अपनी मानसिकता को उस प्रकार से ढाल दिया हैं।
हम केवल प्रê......Read more