
अब्दुल्लाह मंसूर
क्या यह संभव है कि दुनिया की सबसे आधुनिक सेनाएँ, जिनके पास परमाणु हथियार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी अभूतपूर्व तकनीकी शक्ति है, अपने संघर्ष/युद्ध को समझाने के लिए अब भी प्राचीन धार्मिक कल्पनाओं और भविष्यवाणियों की भाषा का सहारा ले रही हों? 2026 में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ता टकराव केवल भू-राजनीतिक हितों, सुरक्षा चिंताओं या संसाधनों की प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं दिखता। हाल की कुछ घटनाएँ और बयान इस संघर्ष को एक व्यापक वैचारिक और धार्मिक संदर्भ में......Read more