
मलिक असगर हाशमी
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को बच्चों से बेहद लगाव था। वे जब भी स्कूलों में जाते, विद्यार्थियों से खुलकर बातचीत करते। उनके सवाल सुनते, उनके सपनों को समझते और उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करते। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ. कलाम बच्चों के बीच इतना समय क्यों बिताते थे? क्या इसकी वजह सिर्फ शिक्ष...Read more
दुर्गापूजा के उत्सवी माहौल में सिलीगुड़ी में हिंदू दुकानों से बिरयानी और पूजा-सामग्री खरीदने की अपील ने बाजार में धार्मिक पहचान की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं. क्या कारोबार में गुणवत्ता, कीमत और भरोसे की जगह धर्म लेने लगेगा? यह विवाद छोटे व्यापारियों की आजीविका, सांप्रदायिक सौहार्द और त्योहारों की साझा सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़ा है.
मंजीत ठाकुर
दुर्गापूजा बंगाल में केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कला, शिल्प, खान-पान, रोजगार और सामुदायिक जीवन का एक बड़ा उत्सव ह......Read more