राजीव नारायण
भारत शायद दुनिया का सबसे शक्तिशाली AI मॉडल बनाने की दौड़ में आगे न हो, लेकिन वह इस तकनीक का दुनिया के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हो सकता है। इसके लिए उसे ऐसी मानव-शक्ति तैयार करनी होगी, जो AI को उपयोगी, भरोसेमंद और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बना सके। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक कड़वी सच्चाई भारत को स्वीकार करनी होगी।
वह इस दौड़ में सबसे आगे नहीं है। अमेरिका के पास AI कंपनियों, पूंजी और कंप्यूटिंग क्षमता का सबसे मजबूत आधार है। चीन ने अपनी तकनीकी क्षमताओं को तेजी से बढ......
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