हरजिंदर
यह कहानी 17 सदी के शुरुआती दौर की है. जब सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद जी ने गुरुगद्दी संभाली तो वह दौर खत्म हो चुका था जब अकबर ने सभी धर्मों को पास लाने की बड़ी कोशिशें की थी. जहांगीर के शासनकाल में तरह-तरह के वैमनस्य पूरे भारत में ही सतह पर आने लगे. हरगोबिंद जी को बहुत जल्दी यह समझ में आ गया कि जिस तरह के खतरे चारो ओर हैं सिर्फ आध्यात्म के भरोसे काम चलने वाला नहीं है. इसके बा...Read more
डॉ. अनिल कुमार निगम
थाईलैंड-म्यांमार में आए विध्वंसकारी भूकंप के बाद भारत को इस पर चिंतन, मनन और मंथन की आवश्यकता है कि क्या हमारे देश की आबादी भूकंप के खतरे से सुरक्षित है. अगर दिल्ली-एनसीआर सहित देश के अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भूकंप आता है तो उसका कितना घातक परिणाम हो सकता है. इसका सहज रूप से आकलन करना भी संभव नहीं है.
वास्तविकता तो भारत के पर्वतीय क्षेत्र ही नहीं बल्कि देश की राजधानी और एनसीआर के शहर बारूद के ढेर पर बैठे हैं. आज सरकार और देश की जनता को तंद्रा से उठकर इस समस्या से निपé......Read more